गुस्से को कैसे जीतें? & केवल वही उपदेश दे जिस पर आप खुद चलते हैं! Q&A : 1-2


गुस्से को कैसे जीतें? & केवल वही उपदेश दे जिस पर आप खुद चलते हैं! Q&A : 1-2
गुस्से को कैसे जीतें? & केवल वही उपदेश दे जिस पर आप खुद चलते हैं! Q&A : 1-2
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कहानी नंबर -1
गुस्से को कैसे जीतें?
चाहे जैसी भी उत्तेजित स्थिति हो. सुप्रसिद्ध आईरिस-ऑस्ट्रेलियाई नर्स सिस्टर एलिजाबेथ केनी हर वक्त प्रसन्नचित्त ही रहा करती. एक दिन उनके एक मित्र ने पूछ लिया. क्या यह आपका जन्मजात गुण है ? नहीं उन्होंने कहा जब मैं बहुत छोटी थी तभी मेरी मां ने मुझे एक सलाह दी जिसका मैं गंभीरता पूर्वक पालन करती आई हूं.

सवाल
१. उसकी मां की सलाह क्या थी?
२. इस कहानी का क्या मतलब है
आप इन सवालों के जवाब पहले खुद देने की कोशिश करें उसके बाद ही हमारा जवाब देखें जोशी अगले पेज पर हमने दिया है

 

कहानी नंबर -2

केवल वही उपदेश दे जिस पर आप खुद चलते हैं!
एक छोटी बच्ची को मिठाई बहुत पसंद थी. उसकी मां ने उसे नियंत्रित करने की बहुत कोशिश की किंतु उसका कुछ भी असर ना हो पा रहा था. अंत में वह उसे इस उम्मीद में महात्मा गांधी के पास ले गई थी शायद उस पर उनके कहने का कोई असर हो जाए. गांधीजी ने उसकी बात सुनकर उसे 3 सप्ताह बाद अपने पास लाने को कहा. जब यह दोनों मां बेटी 3 सप्ताह बाद उनके पास पहुंचे तो गांधीजी ने कहा कि वह बहुत ज्यादा मीठा ना खाया करें और यह बताया कि उसे उसके स्वास्थ्य को क्या नुकसान हो सकता है. मां ने गांधी जी से पूछा आप इसे यह सलाह 3 सप्ताह पहले तब भी दे सकते थे. जब हम पहली बार आपके पास आए थे फिर आपने 3 सप्ताह बाद आने को क्यों कहा गांधीजी ने जवाब दिया……
सवाल
१. गांधीजी ने उसे क्या जवाब दिया ?
२. इस कहानी का मतलब क्या है ?

 
आप इन सवालों के जवाब पहले खुद देने की कोशिश करें और उसके बाद ही हमारा जवाब देखें, अगले पेज पर हमने जवाब दिया है .

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