भगवान राम ने मारा था भगवान श्रीकृष्ण को


भगवान राम ने मारा था भगवान श्रीकृष्ण को
भगवान राम ने मारा था भगवान श्रीकृष्ण को
दोस्तों जैसा कि आप सभी जानते हैं कि भगवान विष्णु ने जिस प्रकार त्रेता में रावण का वध करने के लिए मनुष्य रूप में भगवान श्रीराम का अवतार लिया था. उसी प्रकार द्वापर में पृथ्वी पर से अधर्म का विनाश करने के लिए भगवान श्री कृष्ण के रूप में अवतार लिया था. दोस्तों यह परमपिता ब्रम्हा जी द्वारा बनाया हुआ विधान है कि जो भी प्राणी इस नश्वर शरीर के साथ इस पृथ्वी पर जन्म लेगा उसकी मृत्यु होना स्वाभाविक है. इसी कारण त्रेता में भगवान श्रीराम ने अपने शरीर का त्याग किया था और द्वापर में भगवान श्रीकृष्ण की मृत्यु को प्राप्त होना पड़ा था.

भगवान राम ने मारा था भगवान श्रीकृष्ण को

तो दोस्तों आईए जानते है भगवान श्रीकृष्ण की मृत्यु का कारण क्या था ? दोस्तों आप लोगों ने यह तो सुना ही होगा कि भगवान कृष्ण को एक जरा नाम के बहेलिये ने तीर मारा था, जिसके कारण भगवान श्री कृष्ण की मृत्यु हो गई थी. परंतु प्रश्न यह खड़ा होता है कि, भगवान श्रीकृष्ण भगवान विष्णु के अवतार थे तो फिर बहेलिये के द्वारा क्यों मारे गए और भगवान राम की तरह अपनी इच्छा के अनुसार अपने शरीर का त्याग क्यों नहीं किया.

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दोस्तों इस पृथ्वी पर बिना कारण तो कुछ भी नहीं होता है. इसलिए भगवान श्रीकृष्ण की मृत्यु के पीछे भी एक कारण था. क्या कारण क्या था चलिए जानते हैं? दोस्तों यह कहानी उस समय की है जब त्रेता युग में भगवान श्री राम अपने 14 वर्ष का बनवास पूरा कर रहे थे. तभी लंका के राजा रावण के साथ उनका वैर उत्पन्न हो जाता है. इस कारण वह दुष्ट रावण के द्वारा देवी सीता का छल से हरण कर लेता है. भगवान श्री राम लक्ष्मण सीता जी को खोजते हुए एक वन से दूसरे वन में भटक रहे थे. उसी समय भगवान श्री राम की भेंट सुग्रीव नामक एक वानर से हो जाती है. वानर सुग्रीव भी अपने भाई बाली द्वारा अपनी पत्नी के छीन लिए जाने से दुखी था. इस कारण भगवान श्री राम और सुग्रीव एक दूसरे के मित्र बन जाते हैं. वह भगवान श्री राम को सीता जी को तलाशने में उनकी सहायता करने का वचन देता है और भगवान श्री राम उसे उसके भाई बाली का वध करने, उसका राज्य और उसकी पत्नी को वापस दिलाने का वचन देते हैं.

दोस्तों आप यह तो जानते ही होंगे कि भगवान श्रीराम ने अपना वचन निभाने के लिए सुग्रीव और उसके भाई बाली के बीच मल्ल युद्ध करवाया था. और सुग्रीव से माल युद्ध कर रहे हैं बाली को छिपकर अपने बाण से बाली को मार गिराया था. दोस्तों बाली बड़ा ही बलवान था उसे सामने से कोई भी योद्धा नहीं मार सकता था. इस कारण भगवान श्रीराम ने उसे छिपकर मारा था. बाली की मौत से उसकी पत्नी तारा बहुत दुखी हुई थी और उसके क्रोध में आकर भगवान श्री राम को यह श्राप दे दिया था कि जिस प्रकार तुमने मेरे पति को छिपकर मारा है उसी प्रकार अगले जन्म में मेरा पति तुम्हे छिप कर मारेगा.

दोस्तों कहा जाता है कि बाली की पत्नी तारा के श्राप के कारण ही उसके पति बाली ने द्वापर में एक बहेलिया के घर जन्म लिया था. उस जन्म में उसका नाम जरा था. जरा रात के समय अपने धनुष बाण से पेड़ों पर बैठे पशु और पक्षियों का शिकार किया करता था. दोस्तों कहा जाता है कि भगवान श्री कृष्ण के पैर के तलवे में जन्म से एक चिह्न था जो रात के अंधेरे में चमकता था. और वही उनकी मृत्यु का कारण बनेगा यह बात सिर्फ महाबली भीम के पोते यानी घटोत्कच पुत्र बर्बरीक को पता चल गई थी.

दोस्तों बताते हैं एक रात भगवान श्री भगवान कृष्ण आनंद से नदी के तट पर एक पेड़ पर बैठे हुए थे. तब उनके पैर के नीचे से चमकते चिह्न को देख, शिकार पर निकले बहेलिये जरा को लगा कि वह किसी पक्षी की आंखें है, और उसने उसे लक्ष्य करके अपना तीर चला दिया. जिससे भगवान श्री कृष्ण की मृत्यु हो गयी.

भगवान राम ने मारा था भगवान श्रीकृष्ण को

Lord Shree Krishna death. Bhagwan sree ram ne bhagwan shree krishna ko maara tha

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