मेरी तड़प सारी शराब होने दो और मेरी प्यास सराब (illusion) होने दो


मेरी तड़प सारी शराब होने दो और मेरी प्यास सराब (illusion) होने दो
मेरी तड़प सारी शराब होने दो और मेरी प्यास सराब (illusion) होने दो

मेरी तड़प सारी शराब होने दो

और मेरी प्यास सराब (illusion) होने दो

मैं कब से पी कर तुम्हे देखे जाता हूँ

अब कुछ तो नीयत ख़राब होने दो …

असली बात यहाँ से शुरू होती है ….

गर्दनो का छुरियों से हिसाब होने दो

बकरे का मिमियाना इंक़लाब होने दो

एक बच्ची ने जिस कॉपी पर ‘ज़िन्दगी’ लिखा था

उसे मेरे मज़हब की किताब होने दो …

इस से बड़ा इक और अज़ाब (tragedy) होने दो

वक़्त अभी थोड़ा और ख़राब होने दो

कितने ही लोगों ने औरतों के चमड़े से कालीनें सिलवाई हैं

कुछ दिल्लियाँ अभी और बेनक़ाब होने दो …

इन महलों को भी तो कुछ ख़राब होने दो

हम कुत्तों को ज़रा और बेताब होने दो

हम कुत्ते हैं मगर इस कदर पालतू नहीं

टाँगे उठाओ और पेशाब होने दो …

मेरी इतनी सी उम्मीद तो कामयाब होने दो

मेरे जन्नत को और मत खराब होने दो

बस वो पेड़ मत काटो जिस पे परिंदे लौट के आते हैं

और साफ़ पानी का बस एक तालाब होने दो …

सवालों को घिस -घिसकर जवाब होने दो

सियासतदारो की सेहत खराब होने दो

माएँ जिस तरह अपने बच्चों से लिपट कर सोती हैं

बूढ़ी नीदों के पहलू मे कोई ख्वाब होने दो …

इस बड़े शहर मे मुझे भी क़ामयाब होने दो

कुत्ता, बंगला, गाड़ी, नेटवर्क और जॉब होने दो

लोग मिलेंगे मुझसे और मुझे ही न देख पायेंगे

मेरी बातों को मेरे चेहरे का नक़ाब होने दो …

  • Amit Choudhary

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