यहां पेड़ पर लटकती हैं गुडियां, रात को करती हैं बातें…


यहां पेड़ पर लटकती हैं गुडियां, रात को करती हैं बातें
यहां पेड़ पर लटकती हैं गुडियां, रात को करती हैं बातें

यहां पेड़ पर लटकती हैं गुडियां, रात को करती हैं बातें : बचपन में हम में से कई लोग गुड़िया के साथ खेले होंगे लेकिन आज हम आपको एक एेसी जगह के बारे में बताने जा रहे है जहां गुड़िया देख कर हर किसी की रूह कांप जाती है. क्योंकि यहाँ लुभावनी गुड़ियाएं नहीं बल्कि हर पेड़ पर लटकी ये भूतिया गुड़ियाएं खौफ की कहानी बयां करती हैं. सुनने में यह बात डरावनी जरूर लग रही है, लेकिन यह सच है. वैसे तो गुड़ियों से खेलना बच्चों का शौक होता है. दोस्तों चलिए जानते है क्यों इस आईलैंड पर नजर आती हैं सिर्फ डरावनी गुड़ियाएं.

Gudiyon ki aatmao ka Island

Yahan Paid par Latakti Hai Gudiya Raat Ko karti Hai Baaten

मेक्सिको के गुड़ियाओं के इस आईलैंड में जा कर अच्छे-अच्छों की हवा निकल जाती है. यहां जिधर नजर डालिए, पेड़ों से लेकर जमीन और पानी तक, यहां हर जगह गुड़ियाएं टंगी है, केवल भूतिया गुड़िया ही दिखेंगी. इनकी घूरती नजरें आपके होश उड़ा देगी. यहां ना ही सिर्फ गुड़िया नजर आती हैं बल्कि एक लड़की की आवाज भी सुनाई देती है. कुछ लोगों का कहना है कि उन्हें कई बार ऐसा भी लगा है कि वह लड़की उनका पीछा कर रही है.

Gudiyon ki aatmao ka Island 2

Mexico ke Gudiyo ka Island

इतनी सारी गुड़िया इस आइलैंड पर कहां से आयीं और क्यों ये जगह इतनी डरावनी है, इसके पीछे की कहानी काफी दिलचस्प है. कहते है डॉन जूलियन नाम के शख्स ने इन गुड़ियों को टांगा था. शहर से दूर जूलियन यहां अपनी बीवी के साथ रहा करते थे. अचानक एक दिन उसे नहर में एक बच्ची की लाश दिखाई दी. उसके कुछ ही दिन बाद उसी नहर में एक गुड़िया दिखी. फिर तभी से जूलियन को उस बच्ची की आत्मा सताने लगी.

Julian Ne Pure Island Par Gudiyan Tangna Suru Kar Kiya

Julian Ne Tangna shuru Kia Gudiyon ki aatmao ka Island3

उस बच्ची की आत्मा की शांति और पिछा छुड़ाने के लिए जूलियन ने पूरे आईलैंड पर गुड़िया टांगना शुरू कर दिया. जूलियन ने अपने घर के चारों तरफ भी गुड़ियों को रस्सी से टांग दिया ताकि उसकी आत्मा उसे तंग ना करे. लेकिन यहाँ पर आने वाले सैलानियों का कहना है कि उन्हें आज भी किसी लड़की की आवाज सुनाई देती है. इन सब के बाबजूद फिर भी यहां हर साल कई टूरिस्ट आते हैं. यूनेस्को ने 1987 को इस जगह को वर्ल्ड हेरिटेज घोसित किया था.

Comments


log in

Don't have an account?
sign up

reset password

Back to
log in

sign up

Captcha!
Back to
log in