सिध्धु के अनोखे बोल, ठोको ठोको.. गुरु हो जा शुरू..और बहुत सारे ठोको आपके लिए


सिध्धु के अनोखे बोल, ठोको ठोको.. गुरु हो जा शुरू..और बहुत सारे ठोको आपके लिए
सिध्धु के अनोखे बोल, ठोको ठोको.. गुरु हो जा शुरू..और बहुत सारे ठोको आपके लिए

नवजोत सिंह सिध्धु का जन्म 20 अक्टोबर 1963 मे पंजाब पटियाला मे हुआ. वे एक क्रिकेटर, कॉमेंटेटर और पॉलिटीशियन है. उन्होने इंडिया के लिए 51 टेस्ट्स और 136 एक दिवशीय मैच खेले. उन्हे गुरु, वन-लाइनर्स के नाम से भी जाना जाता है. उनके वनलाइनर और मुहावरे फैन्स को खूब पसंद आते हैं. उन्हे सिध्धुइस्म और मेंबर्ज़ ऑफ पार्लियामेंट के नामो से भी पुकारा जाता है.. सिध्धु को उनके शब्दों की बाजीगरी के लिए जाना जाता है. इसी वजह से वह जब बोलना शुरू करते हैं तो बोलते चले जाते हैं, फिर रुकते नहीं . सिध्धु की बात करें तो वो अपने हाजिर जबाबो और उन सब्दो को शायराना या मुहावरे अंदाज में पेश कर के सबको चकित कर देते है. कपिल शर्मा की शो में उनका ठोको ठोको ….. आप सब को याद ही होगा और oo.. गुरु हो जा शुरू. ऐसे कई और भी वाकया है जो आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से आप सबों के साथ शेयर करने वाला हूँ. उनके कुछ अनोखे बोल इस प्रकार है विचार नीचे दिए गये है.

 

तीसरे अम्पायर को उतनी जल्दी जल्दी ही बदलना चाहिए जितना की बच्चों की लंगोट बदलते हैं और उसी वजह से.
दस्ताने पहनने वाली बिल्ली चूहे नहीं पकडती .
भारत के लिए सुरंग के अंत में प्रकाश है, लेकिन वो इसी तरफ आ रही ट्रेन का है जो उन्हें कुचल के रख देगी.
एक गिरा हुआ प्रकाशस्तंभ किसी चट्टान से भी अधिक खतरनाक होता है.
जब आप एक राक्षस के साथ भोजन कर रहे हों तो आपके पास एक लंबा चम्मच होना चाहिए .
अनुभव वो कंघी है जो ज़िन्दगी आपको तब देती है जब आप गंजे हो जाते हैं.
उम्र ,जवानी के जोश को ठंडा करने में सबसे कारगर है.
विकेट पत्नियों की तरह होते हैं . आप कभी नहीं जानते की उनसे क्या उम्मीद की जाये
वह एक ज़हरीले सांप से लडेगा और और उसे दो बार डंसेगा भी.
शादी के बाद दूसरे की बीवी ज्यादा खूबसूरत लगती है.
आप अकेले सभी स्वरों का मिलान नहीं कर सकते, इसके लिए ओर्केस्ट्रा चाहिए होती है.
मैं एक सिपाही हूँ और अपने नेताओं के मार्गदर्शन में काम करता हूँ.
सफलता के मार्ग पर कोई बिना एक-दो पंक्चर के नहीं चलता.
आपको अपनी बेल्ट कसने या पैंट गंवाने में से एक को चुनना होगा .
जो कभी पासा नहीं फेंकता वो कभी छक्का मारने की उम्मीद नहीं कर सकता .
बिना जोखिम कुछ नहीं मिलता और जोखिम वही उठाते हैं जो साहसी होते हैं .
समुद्र शांत हो तो कोई भी जहाज चला सकता है.
जो नंगा आदमी अपनी शर्ट दे उससे खबरदार रहिये.

Navjot singh siddhu, anokhe bol, thoko thoko, o guru ho ja shuru

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