सेफ ऑनलाइन शॉपिंग कैसे करे | Safe Online Shopping Kaise Karen


सेफ ऑनलाइन शॉपिंग कैसे करे | Safe Online Shopping Kaise Karen
सेफ ऑनलाइन शॉपिंग कैसे करे | Safe Online Shopping Kaise Karen

सेफ ऑनलाइन शॉपिंग कैसे करे | Safe Online shopping kaise karen : दोस्तो, आज हम ऑनलाइन शॉपिंग पर बात करेंगे जो की आजकल हर कोई करता तो है लेकिन बिना किसी सावधानी के जिसके वजह से उन्हे बाद में पछताना पड़ता है. आजकल हर चीज़ ऑनलाइन होने लगा है जिसमे शॉपिंग की बात करे तो सबसे ज़्यादा मगर आप सभी को पता नही होगा की ऑनलाइन शॉपिंग करते टाइम आपसे फ्रॉड भी किया जा सकता है इसलिए हमेशा हमें कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए जिससे की हमें बाद में पछताना ना पड़े. चलिए दोस्तो जानते है सेफ ऑनलाइन शॉपिंग कैसे करे.

 

सेफ शॉपिंग

ऑनलाइन शॉपिंग इंडिया में सबसे पहले फ्लिपकार्ट कंपनी ने स्टार्ट किया था लेकिन आजकल बहुत से ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स ओपन हो चुके है लेकिन सभी साइट जेन्युइन (genuine) नही होते उनमे से कुछ साइट्स फ्रॉड भी होते है जो सिर्फ़ लोगो का नुकसान करते है. आज हम इस पोस्ट में कुछ ऐसे टिप्स बताएँगे जिससे हमें ऑनलाइन शॉपिंग करते टाइम हेल्प मिलेगी. अगर आप हमारे बताए हुए टिप्स को फॉलो करते हो तो आप ऑनलाइन फ्रॉड से बच सकते हो.

दोस्तो ऑनलाइन आजकल आपको सबकुछ मिल सकता है वो भी बहुत सस्ते दामो में लेकिन कुछ साइट्स ऐसे भी होते है जो प्राइस को बढ़ा चढ़कर बताते है ताकि वो ज़्यादा से ज़्यादा पैसे कमा सके सो ऐसे साइट्स से बचने के लिए आपको हमारा आज का पोस्ट पढ़ना पड़ेगा और मुझे उम्मीद है आपको इस पोस्ट से ज़रूर मदद मिलेगी

 

सेफ ऑनलाइन शॉपिंग कैसे करे, हिन्दी में टिप्स :

 

प्रोडक्ट का रिव्यु चेक करें :

आप जिस भी प्रॉडक्ट को खरीद रहे हो पहले तो उसकी पूरी इनफार्मेशन अपने पास कलेक्ट कर के रख लो और यह देखो की प्रॉडक्ट के जो फीचर्स है क्या वो आपके लिए सही है या फिर उसमे कोई कमी है. यह बात मैं इस लिए बता रहा हू क्यूकी कई बार लोग बस प्रॉडक्ट के फोटोस और नाम देखकर ही उस प्रॉडक्ट को पसंद कर लेते है मगर जब उनका प्रॉडक्ट उनके हाथ में आता है तब उनको अपनी ग़लती का पता चलता है. हालाँकि अगर आपने कोई प्रॉडक्ट ग़लती से खरीद लिया है तो कोई बात नही आप उसे रीप्लेस भी करवा सकते हो. अगर आपको नही पता की प्रॉडक्ट रीप्लेस कैसे होता है तो परेशान होने वाली कोई बात नहीं है क्योंकि इसके स्टेप्स आपको कंपनी के ऑफिसियल साइट पर मिल जाएगी या फिर आप इस बारे में गूगले पर भी सर्च कर सकते हो.

 

प्राइस कंपॅरिज़न ( तुलना करना ) ज़रूर करे :

आजकल इ-कॉमर्स साइट्स बहुत ज़्यादा है लेकिन ज़रूरी नही है की सबके प्राइस सेम हो. बहुत बार ऐसा होता की जो हम प्रॉडक्ट खरीद रहे होते है उसका प्राइस किसी साइट पर ज़्यादा होता है और किसी पर कम इसलिए अगर आप चाहते हो की आपके पैसे बचे तो प्राइस कंपॅरिज़न ( तुलना करना ) ज़रूर करे. आप चाहे तो कुछ पॉपुलर ऑनलाइन कंपॅरिज़न साइट्स जैसे की MySmartPrice, Junglee, PriceDekho इत्यादि की मदद ले सकते हो. मैं भी कोई प्रॉडक्ट खरीदने से पहले उसका प्राइस कंपेर करता हूँ और यकीन मानिए प्राइस कंपेर करने से आपके पैसे ज़रूर बचेंगे. इसलिए प्राइस कंपेर करना भी बहुत ज़रूरी है.

 

वेबसाइट की यूआरएल (URL) चेक करें :

आपको पता ही होगा आजकल ऑनलाइन फ्रॉड बहुत होते है इसीलिए जिस भी साइट से आप कुछ खरीद रहे हो उसका यूआरएल ज़रूर वेरिफाइ करे कही वो फ्रॉड तो नही है. बहुत बार ऐसा होता है की कुछ फ्रॉड कंपनीज़ अफीशियल वेबसाइट के नाम से ही दूसरी वेबसाइट बना लेते है जो की दिखने में बिल्कुल सेम होता है और हम धोखा खा जाते है. लेकिन एक बात का हमेशा ध्यान रखे की 1 डोमेन नामे से 2 साइट्स नही बनाया जा सकता जैसे की कोई आमज़ॉन.कॉम से ही दूसरी साइट नही बना सकता क्यूकी यह ऑलरेडी कॉपयरिघ्टेद है लेकिन कोई Flipkart की जगह flipcart करे तब यह साइट बनाना पासिबल है लेकिन आप यूआरएल पर अगर ध्यान रखे तो ऐसे फ्रॉड्स से बच सकते हो. इसलिए किसी शॉपिंग साइट के ओपन होने के बाद आपको सबसे पहले उस साइट का यूआरएल चेक करना है.

 

एच टी टी पी (Http) और एच टी टी पी एस (Https) :

आप जब किसी साइट पर विज़िट करते हो तब आपने यूआरएल बॉक्स में एच टी टी पी (Http) या एच टी टी पी एस (Https) ज़रूर देखा होगा. दोस्तों, इसका क्या मतलब होता है और यह हमें ऑनलाइन फ्रॉड से कैसे बचाता है. दोस्तो HTTPS मोस्ट्ली ऑनलाइन मनी ट्रांसक्शन वाले साइट्स यूज़ करते है और HTTPS पूरी तरह सिक्योर होता है इससे होने वाले ट्रांसक्शन का डीटेल कोई हैकर आसानी से नही चुरा सकता लेकिन HTTP यूज़ करने वाले साइट सेक्यूर नही होते और आपका डाटा कोई हैकर आसानी से चुरा सकता है. दोस्तों, मेरे कहने का सीधा मतलब यह है की जिस साइट पर आप शॉपिंग कर रहे हो वो HTTPS होना ज़रूरी है अगर वो HTTPS नही है तो उस साइट से शॉपिंग ना करे तो आपके लिए अच्छा होगा.

 

पर्सनल डिटेल्स कभी सेव (Save) न करें :

जब भी हम कोई प्रॉडक्ट ऑनलाइन खरीदते है तब हमें सबसे पहले शॉपपिंग एड्रेस वाले फॉर्म को भरना होता है उसके बाद बिलिंग डीटेल्स लेकिन क्या आपको 100 % अपने ऊपर भरोसा है की कोई आपके पीसी से यह डीटेल्स नही चुरा सकता ? दोस्तों, ऐसा पासिबल है कोई चाहे तो आपके ब्राउज़र से वो डीटेल्स आसानी से चुरा सकता सकता है इसलिए कभी भी अपना कार्ड डीटेल किसी ब्राउज़र में सेव (Save) ना करे और जब आपकी शॉपिंग कंप्लीट हो जाए उसके बाद अपना अकाउंट लॉग-आउट कर दें.

 

कूपन्स और डिसकाउंट्स चेक करें :

हर कोई चाहता है की जब वो कुछ खरीदे उसके पैसे बचे लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग में कोई बारगिनिंग का चक्कर नही है इसलिए हम दूसरा तरीका यूज़ करते है जिसे कूपन कहते है. कूपन आजकल हर साइट लोगो को देती है और उस कूपन की मदद से आपको डिसकाउंट मिल जाता जाता. कूपन ज्यादातर किसी फेस्टिवल पर ज़्यादा लॉंच किया जाता है जैसे की दीवाली, होली, रक्षाबन्धन इत्यादि. इसलिए कूपन का यूज़ करके आप ऑनलाइन शॉपिंग करते टाइम अपने पैसे बचा सकते हो.

 

सिक्योर और डिफिकल्ट पासवर्ड सेट करें :

हम जब किसी साइट से कुछ खरीदते है तब हमें सबसे पहले उस साइट पर साइन-अप करना होता है और अपने डीटेल्स भी वेरिफाइ करने होते है अब क्वेस्चन यह है की क्या आप पूरी तरह शुवर (Sure) है की आपका अकाउंट हैक नही किया जा सकता ? शायद नही क्यूकी हैकर्स का माइंड काफ़ी तेज़ होता है इसलिए अकाउंट बनाते टाइम आप पासवर्ड ऐसा सेट करे जो किसी के लिए गेस कर पाना मुश्किल हो. सिक्योर पासवर्ड सेट करने के लिए आप ऊपर-केस लेटर, लोअर-केस लेटर्स और सिंबल्स का यूज़ कर सकते हो जितना स्ट्रॉंग पासवर्ड होगा उतना अकाउंट हैक कर पाना मुश्किल होगा

 

रिव्यूज़ और रेटिंग्स को चेक करें :

जिस भी प्रॉडक्ट को आप खरीदने वाले हो उसकी रेटिंग और रिव्यूज़ ज़रूर चेक करे क्यूकी जिन लोगो ने उस प्रॉडक्ट को एक्सपीरियेन्स कर रखा है उनसे अच्छा आपको और कोई नही बता सकता. अगर आप भी कोई प्रॉडक्ट ऑनलाइन परचेस करते हो उस प्रॉडक्ट को रेटिंग और रिव्यू ज़रूर दे. इससे बाकी लोगो को भी उस प्रॉडक्ट के बारे में पता चलेगा और सही डिसिशन ले पाएँगे. इसलिए यह भी बहुत इम्पोर्टेन्ट स्टेप है.

 

प्राइवसी पॉलिसी को पढ़े :

आप जिस भी साइट से शॉपिंग कर रहे हो उसका प्राइवसी पॉलिसी पेज ज़रूर चेक करे. प्राइवसी पॉलिसी पेज चेक करने से आपको यह पता चल जाता है की वो साइट आपके डीटेल्स का यूज़ कहा पर और कैसे करेगा साथ में आपको उस साइट के बारे में और भी जानकारी मिल जाती है इसलिए हमेशा प्राइवसी पॉलिसी पेज ज़रूर चेक करे.

 

दोस्तों आपको हमारा ये आर्टिकल सेफ ऑनलाइन शॉपिंग कैसे करें कैसे लगा आप आपन विचार कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं.

Comments


log in

Don't have an account?
sign up

reset password

Back to
log in

sign up

Captcha!
Back to
log in