स्वप्नदोष, शीघ्रपतन, नपुंसकता और बांझपन की समस्या का बेस्ट घरेलू उपाय !


स्वप्नदोष, शीघ्रपतन, नपुंसकता और बांझपन की समस्या का बेस्ट घरेलू उपाय !
स्वप्नदोष, शीघ्रपतन, नपुंसकता और बांझपन की समस्या का बेस्ट घरेलू उपाय !

स्वप्नदोष यानी नाइटफॉल

  • जिन लोगों को अधिक स्वप्नदोष की समस्या है, वे हर रोज आंवले का मुरब्बा खाएं.
  • लहसुन की 2 कली मोटी-मोटी कूटकर निगल जाएं फिर थोड़ी देर बाद गाजर का जूस पिए.
  • काली तुलसी की 10 – 12 पत्तियां पानी के साथ लें.
  • तुलसी की जड़ के टुकड़े को पीसकर पानी के साथ लें, यदि जड़ न ले सके तो दो चम्मच तुलसी के बीज शाम के समय खाएं.
  • आधा चम्मच मुलेठी का चूर्ण और एक चम्मच आक की छाल का चूर्ण दूध के साथ ले.
  • 1 लीटर पानी में त्रिफला चूर्ण रात भर भिगोकर रखें, सुबह छानकर पिए.
  • रात को सौ ग्राम पानी में 10 ग्राम शुद्ध साफ किया गया बबूल का गोंद चुरा करके भिगो दें उसे मत और छानकर 20 ग्राम मिश्री मिलाकर पीना चाहिए इससे स्वप्नदोष नहीं होता अनुभूत नुस्खा है

शीघ्रपतन यानी एजैक्युलेशन

  • आधा-आधा चम्मच शहद, मिश्री व सफेद प्याज का रस मिलाकर सुबह-शाम सेवन करें.
  • रात को सोते समय एक चम्मच त्रिफला का चूर्ण 5 मुनक्कों के साथ लें और ऊपर से ठंडा पानी पिए.
  • सुबह खाली पेट दो छुहारे खूब चबा-चबाकर 2 हफ्ते तक खाएं. फिर तीसरे हफ्ते में तीन छुहारे और चौथे हफ्ते चार छुहारे रोज खाएं. इसके साथ ही रात को सोते समय 2 हफ्ते तक दो छुहारे फिर तीसरे व चौथे हफ्ते से 3 महीने तक 4 छुहारे 250 मिली दूध में उबालकर गुठली निकालकर खूब चबा चबाकर खाएं और ऊपर से दूध पिए.
  • 100 – 100 ग्राम अश्वगंधा, विदारीकंद व सफेद मुसली को लेकर बारीक चूर्ण बनाकर रख लें. 5 ग्राम इस चूर्ण को सुबह शाम दूध के साथ ले.
  • आधा किलो इमली के बीज को 3 दिन तक पानी में भिगोकर रखें, फिर छिलके निकालकर सफेद बीजों को खरल में पीस लें और इसमें आधा किलो मिश्री मिलाकर कांच के बर्तन में रख दें. इसे सुबह शाम आधा चम्मच दूध के साथ ले.

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नपुंसकता या इम्पोटेंसी

  • जायफल को घिसकर दूध में मिलाकर 3 दिन तक पिए.
  • दो चम्मच प्याज के रस में एक चम्मच शुद्ध घी मिलाकर सुबह के समय तीन 4 हफ्ते तक ले.
  • 10 – 10 ग्राम सफेद मूसली, अश्वगंधा चूर्ण, तालमखाना व क्रौंच बीज चूर्ण सभी को मिलाकर रख लें. इसे 5 ग्राम की मात्रा में ठंडे दूध के साथ लें.
  • 25 ग्राम सिंघाड़े का आटा, 50 ग्राम शक्कर, 15 ग्राम घी व एक पाव दूध लेकर हलवा बनाकर खाएं.
    काले तिल व गुड़ का लड्डू बनाकर नियमित रूप से खाएं.
  • 6 – 6 ग्राम तालमखाना, गोखरु व उटंगन के बीज के चूर्ण को आधा लिटर दूध में पकाएं जब पानी आधा रह जाए तब आंच पर से उतार कर ठंडा कर पियें. इसका 21 दिनों तक सेवन करें.
  • उड़द की दाल को भिगोकर पीस लें, फिर इसे दही के साथ गूंथ कर बड़े बनाकर फ्राई करके खाएं.

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बांझपन या इन्फर्टिलिटी

  • सुबह के समय 5 कली लहसुन चबाकर ऊपर से दूध पिए.
  • माहवारी के समय तुलसी के बीज चबाने से या पानी में पीसकर लेने या काढ़ा बनाकर सेवन करने से गर्भधारण होने की संभावनाएं बढ़ जाती है.
  • एक कप गुनगुने पानी में एक चम्मच दालचीनी का चूर्ण मिलाकर एक महीने तक दिन में एक बार रोजाना लें. साथ ही अपने भोजन नाश्ते में भी दालचीनी चूर्ण आधी से भी कम चम्मच मिलाकर खाएं.
  • अनार के बीज व छाल को बराबर मात्रा में मिलाकर बारीक चूर्ण बनाकर एक एयरटाइट जार में रख लें. कुछ हफ्तों तक इस मिश्रण को आधा चम्मच दिन में दो बार गुनगुने पानी से लें. साथ ही ताजा अनार का फल व रस भी ले सकते हैं.
  • 50 ग्राम गुलकंद में 20 ग्राम सौंफ मिलाकर चबाकर खाएं और एक गिलास दूध पिए. इसका नियमित रूप से सेवन करने से इनफर्टिलिटी की समस्या दूर होती है.
  • पीरियड्स के बाद 1 हफ्ते तक 2 ग्राम नागकेसर के चूर्ण को दूध के साथ लें.
  • महिलाएं शतावरी चूर्ण को घी, दूध में मिलाकर ले इससे गर्भाशय की सारी समस्याएं दूर हो जाएंगी और वे गर्भधारण भी कर सकेंगी.
  • प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए योग प्रणायाम की मदद भी ले सकते हैं. जैसे – भ्रामरी प्रणायाम, योग निंद्रा, हस्तपादासन, जानू शीर्षासन, पश्चिमोत्तासन, विपरीतकर्णी, शोधन प्रणायाम आदि.

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