भगवान बुद्ध ने 4 श्रेणियों में विभाजित किया है मनुष्यों को, इनमें से आप कौन हैं ?


भगवान बुद्ध का जन्म आज से लगभग 2500 हजार साल पहले एक राज परिवार में हुआ था. शक्य वंश के राजकुमार थे भगवान बुद्ध. उनके पिता जी बिल्कुल भी नहीं चाहते थे कि गौतम बुद्ध राजमहल से कभी बाहर जाएं. क्योंकि वे चाहते थे कि उनका पुत्र बाहर के दुख के बारे में कभी ना जानें. दरअसल गौतम बुद्ध के बारे में एक ऋषि ने पहले ही ये भविष्यवाणी कर दी थी कि संसार के दुखों को देखने के बाद ये बालक पूरी तरह बदल जाएगा और गृह त्याग कर देगा.

गया के बोधी वृक्ष के नीचे बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई :

बचपन में गौतम बुद्ध का नाम सिद्धार्थ था. उनके पिता उन्हें कभी बाहर नहीं जाने दिया करते थे. युवा होने पर उनकी शादी करा दी गई और उनके बच्चे भी हुए. 1 दिन की बात है जब रात को सोते समय सिद्धार्थ को कोई स्वप्न दिखाई दिया. इसके उपरांत उनकी पूरी जिंदगी बदल गई. सिद्धार्थ ने संन्यासी बनने का मन बना लिया और गृह त्याग कर दिया.

गृह त्याग करने के उपरांत ज्ञान की खोज में निकल गए और बोधगया में जाकर बोधि वृक्ष के नीचे उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई. तदउपरांत उन्होंने कई जगहों पर जाकर उपदेश देने की शुरुआत की.

अपनी इच्छाओं के कारण दुखी है इंसान :
buddh

भगवान गौतम बुद्ध ने वाराणसी के सारनाथ में अपना पहला उपदेश दिया था. अपने उपदेश में उन्होंने बताया कि इंसान अपनी इच्छाओं की वजह से दुखी है. उनका कहना है कि अगर आप अपनी जिंदगी में खुश रहना चाहते हैं तो अपनी इच्छाओं का त्याग करें. इसके अलावा भी इंसान के कल्याण के लिए कई उपयोगी उपदेश दिए.

मनुष्यों की होती है ये 4 श्रेणियां

एक समय की बात है किसी जंगल में प्रवचन दे रहे भगवान बुद्ध मनुष्य की 4 श्रेणियों के बारे में बता रहे थे. एक व्यक्ति ने उनसे इस बारे में विस्तार से बताने का आग्रह किया तो उस पर भगवान बुद्ध ने बताया मनुष्य की 4 श्रेणियों में पहला होता है तिमिर से तिमिर की ओर जाने वाला. दूसरा श्रेणी है तिमिर से ज्योति की ओर जाने वाला. और तीसरा श्रेणी है ज्योति से तिमिर की ओर जाने वाला. जबकि चौथा श्रेणी है ज्योति से ज्योति की ओर जाने वाला.

ऊंच कुल में जन्म लेकर नीच कर्म करना है ज्योति से तिमिर की ओर जाना :

ऐसा मनुष्य जिसका जीवन दुष्कर्म करते हुए व्यतीत होता है उसे तिमिर से तिमिर की ओर जाने वाला कहा गया. और यदि कोई व्यक्ति ऊंचे कुल में जन्म लेता है उसे किसी तरह की कोई कमी नहीं होती, दिखने में खूबसूरत और बलवान होता है लेकिन उनका मन काला होता है, वचन दुराचारियों जैसा तो ऐसे लोगों को ज्योति से तिमिर की ओर जाने वाला माना गया है. जबकि जिनका जन्म अच्छे कुल में होता है और उनका कर्म भी अच्छा रहता है तो ऐसे व्यक्ति को ज्योति से ज्योति की तरफ जाने वाले की श्रेणी में रखा गया.

तो दोस्तों, भगवान गौतम बुद्ध ने मनुष्य को इस तरह से 4 श्रेणियों में विभाजित किया है. अब आप आसानी से इस बात का पता कर सकते हैं कि आप इनमें से कौन सी श्रेणी में आते हैं.


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