कूबर पेडी : एक ऐसा गांव जो जमीन के अंदर बसा हुआ है !


कूबर पेडी : एक ऐसा गांव जो जमीन के अंदर बसा हुआ है !
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दोस्तों, आज हम आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं जो जमीन के अंदर बसा हुआ है. सुनने में यह बात थोड़ी सी अजीब लगती है, लेकिन यह सत्य है. अगर आप कभी ऑस्ट्रेलिया का इतिहास उठा कर देखेंगे तो आप यह पाएंगे कि ब्रिटिश राज के दौरान यहां पर कैदियों को सोने की खोज करने के लिए मरुस्थल में छोड़ दिया जाता था. इसी से जुड़ा हुआ है ऑस्ट्रेलिया का कूबर पेडी नाम का यह गांव.

आज भी लोग यहां पर जमीन के नीचे रहते हैं. अगर आपको यह बात सुनने में अचरज हो रहा है और इस पर विश्वास करने का आपका मन नहीं कर रहा तो आप इस आर्टिकल को पूरा पढ़े आपको भी इस बात पर यकीन हो जाएगा.

कूबर पेडी गांव

अगर आप इस जगह को दूर से देखेंगे तो यह एक मिट्टी के ढेर जैसी लगेगी मगर असलियत में यहां पर जमीन के नीचे महलनुमा कई मकान बनाए गए हैं, जहां पर करीबन 35 सौ लोग रहते हैं. यह जगह है एडिलेट से लगभग साढे 800 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यहां पर 60% से ज्यादा घर जमीन के नीचे बने हुए हैं.

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कूबर पेडी church

इन घरों को बनाने की शुरुआत 1915 में हुई थी. उससे पहले यहां पर दूधिया पत्थर की खदानें हुआ करती थी. जब इन खदानों का काम बंद हुआ तो इन खाली पड़ी खदानों में लोगों ने अपना घर बना लिया. इस गांव का नाम कूबर पेडी इसलिए पड़ा है क्योंकि यहां पर जो पत्थर मिलता है उसे आपल यानी कि कूबर पेडी कहा जाता है और इसी के नाम पर इस जगह का नाम पड़ गया.

कूबर पेडी

आपको बता दें कि यह बहुमूल्य पत्थर विश्व में सिर्फ किसी गांव में पाया जाता है. अगर वास्तु के हिसाब से देखा जाए तो यहां के सारे घर बेहद ही सुंदर और प्रभावशाली है. जमीन के नीचे बसे इस गांव में सारी सुख सुविधाएं मौजूद है. यहां पर आपको होटल, चर्च, कसीनो पब और अनेक म्यूजियम भी मिल जाएंगे. इन सभी घरों के भूमिगत होने की वजह से पर्यटकों का यहां आना जाना लगा रहता है. इतना ही नहीं, इस जगह पर कई फिल्मों की शूटिंग भी की जा चुकी है. यह जगह अपने आप में किसी अजूबे से कम नहीं है.

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हम आशा करते हैं कि यह जानकारी आपको इंटरेस्टिंग लगी होगी और आप इसे अपने मित्रों के साथ अवश्य शेयर करेंगे.

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