कैसे हैकर्स आपके अकाउंट और पासवर्ड को हैक कर लेता है


दोस्तों आज हम बात करेंगे कि कैसे हैकर्स आपके अकाउंट और पासवर्ड को हैक कर लेता है और कैसे हैकर्स हमारे ATM या क्रेडिट कार्ड या फिर फेसबुक, जीमेल आदि अकाउंट हैक कर लेता है.

चलिए जानते हैं इस एपिसोड में, दोस्तों सबसे पहले हम आपको यह बता दें हैकर्स ऐसी कौन सी टेक्नोलॉजी यूज़ करते हैं, आपके अकाउंट या पासवर्ड हैक करने के लिए और फिर आगे हम लोग जानेंगे उस टेक्नोलॉजी को डिटेल में…

दोस्तों आज हम कुछ खास और पॉपुलर टेक्निक के बारे में जानेंगे,

  • फिशिंग
  • की लोगर
  • रेट
  • ब्रूट फोर्स अटैक
  • वायरस

फिशिंग

दोस्तों, फिशिंग एक ऐसी टेक्निक है, जिसकी मदद से हैकर्स हमारे सोशल नेटवर्किंग साइट्स जैसे – फेसबुक, जीमेल या ट्विटर को हैक कर सकता है. इस टेक्निक में हैकर्स एक फेक (नकली ) पेज बनाता है जो बिल्कुल आपके जीमेल या फेसबुक के पेज जैसा नजर आता है और आप आसानी से धोखा खा सकते हैं. यदि आपने इस पेज पर अपनी ID और पासवर्ड से लॉगिन किया तो आपकी ID और पासवर्ड की इंफॉर्मेशन हैकर्स को मिल जाती है.

दोस्तों, अगर आप इस फिशिंग टेक्निक से बचना चाहते हैं तो सोशल साइट पर लोगिन करने से पहले एक बार यूआरएल ( जो की एड्रेस में लिखा होता है ) जरूर चैक कर ले. अगर URL कुछ अलग दिख रहा है तो संभल जाएं !

की लोगर

दोस्तों की लोगर एक ऐसी टेक्निक्स है जिसकी मदद से हैकर्स आपके कंप्यूटर में टाइप की हुई हर एक कीवर्ड को अपनी डाटाबेस में सेव कर लेता है. अगर ऐसे में आप ऑनलाइन अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड का यूज़ करते हैं तो आपके एटीएम या क्रेडिट कार्ड की जानकारी हैकर्स तक चली जाती है.

दोस्तों, आपने पूरे दिन में जो भी काम कंप्यूटर पर यानी कि जो भी कीवर्ड आपने टाइप किया है उसकी जानकारी हैकर्स के पास होगी.

इससे बचने के लिए आप क्या करें ?

  • आप किसी भी अनजान जगह से सॉफ्टवेयर इंस्टॉल ना करें
  • पायरेटेड या क्रैकेड ऐप्स से बचें
  • आपके कंप्यूटर में कोई भी संदिग्ध एप्लीकेशन इनस्टॉल है तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल कर दे.

RAT

दोस्तों इस टेक्निक और एप्लीकेशन की मदद से हैकर्स मालवेयर जैसे वायरस बनाता है और यह वायरस हैकर आपको किसी भी तरह से आपके पास भेज सकता है. जैसे कि –

  • फेक ऑनलाइन ऑफर्स का लोभ देकर
  • एक नोटिफिकेशन या ईमेल मैसेज करके
  • आपको डाउनलोड के लिए कह कर के
  • बैनर या विज्ञापन देकर

…. और आप जैसे ही उसके विज्ञापन या ऑफर पर क्लिक करेंगे वह वायरस आपके सिस्टम में इंस्टॉल हो जाता है.

ब्रूट फाॅर्स अटैक

दोस्तों इस टेक्निक में हैकर्स यह देखता है कि आपका एकाउंट कितना स्ट्रांग और सिक्योर है. इस टेक्निक में हैकर्स डिक्शनरी अटैक करता है आपके अकाउंट पर. डिक्शनरी अटैक का मतलब यह हुआ कि हैकर्स अपने एप्लीकेशन की मदद से A – Z और 0 – 9 के डिजिट में जितने भी कीवर्ड मैच होते हैं उनको चुनकर निकालता है.

दोस्तों आप यह जानकर हैरान रह जाओगे कि हैकर 1 सेकंड में 350 लाख कंबीनेशन यूज़ कर सकता है. अब आप खुद ही समझ सकते हो कि आपका पासवर्ड कितना कॉमन है.

इससे बचने के लिए आप अपने पासवर्ड को बड़ा रख सकते हैं ताकि उसे हैक और क्रैक करने में हैकर्स को ज्यादा टाइम लगे.

स्काई noes

दोस्तों यह तकनीक की-लोगर का ताऊ है. की-लोगर में यह होता है कि आप एप्लीकेशन को खुद इंस्टॉल करते हैं पर स्काई NOES में हैकर्स एक वायरस क्रिएट करता है और वह वायरस इमेज या आपके डाक्यूमेंट्स वाले फाइल फॉर्मेट में कन्वर्ट कर देता है. अब आप जैसे ही उस इमेज फाइल को ओपन करते हैं वह वायरस आप की परमिशन के बिना ही आपके सिस्टम में इंस्टॉल हो जाता है.

दोस्तों तो यह थी हैकिंग की दुनिया से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें और आखिर में एक सुझाव हमारा यह है कि आप अपने सिस्टम में कोई एक पेड़ यानी कि खरीदा हुआ ओरिजिनल एंटीवायरस जरूर रखें इन हैकर्स से बचने के लिए.

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