क्यों कहते हैं सारे तीर्थ बार-बार गंगा सागर एक बार !


गंगासागर को भारत के तीर्थों में एक महातीर्थ के रुप में लोग जानते हैं. कहा जाता है कि माता गंगा जी सागर में आकर इसी जगह पर मिली हैं. और राजा सागर के 60,000 पुत्रों को इसी स्थान पर मोक्ष की प्राप्ति हुई थी. मकर संक्रांति के उपलक्ष पर हर साल यहां मेला लगता है. लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां आकर गंगा स्नान करते हैं. माना जाता है कि संक्रांति के मौके पर जो व्यक्ति यहां आकर गंगा स्नान करते हैं उन्हें 100 अश्वमेघ यज्ञ और एक हजार गाय दान करने का फल मिल जाता है.

एक कथा के अनुसार राजा सागर के 60,000 पुत्रों को एक बार कपिल मुनि ने श्राप देकर भस्म कर दिया था. तब राजा सागर के पड़पोते भागीरथ ने अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए हिमालय पर बहुत कठिन तपस्या की थी. और माता गंगा को पृथ्वी पर लाए. तब माता गंगा जी ने इसी जगह पर राजा सागर के 60,000 पुत्रों को मोक्ष दिया था. और तभी से माता गंगा भागीरथी के रूप में जानी जाने लगी. जिस जगह पर मेला लगाया जाता है उसी जगह से गंगा जी समुंद्र में मिल जाती हैं. तो दोस्तों इसीलिए कहा जाता है कि, सारे तीरथ बार बार गंगा सागर एक बार.

दोस्तों अगर आप भी गंगासागर के दर्शन करना चाहते हैं, तो मैं बता दूं की गंगा सागर को सागर द्वीप भी कहा जाता है. कोलकाता से 135 किलोमीटर की दूरी पर दक्षिण में मौजूद है. सागर द्वीप पहुंचने के लिए कोलकाता से पानी का जहाज मिल जाता है. कोलकाता से 57 किलोमीटर की दूरी पर दक्षिण में डायमंड हर्बल स्टेशन मौजूद है. वहां से पानी के जहाज और नाव दोनों ही आपको गंगासागर पहुंचाने का काम करेंगे.

दोस्तों, उम्मीद है कि हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपके लिए काफी महत्वपूर्ण और रोचक रही हो.


Like it? Share with your friends!

0

Comments 0

Your email address will not be published. Required fields are marked *

क्यों कहते हैं सारे तीर्थ बार-बार गंगा सागर एक बार !

log in

Don't have an account?
sign up

reset password

Back to
log in

sign up

Captcha!
Back to
log in