शादी के पहले साल हो सकती हैं आपको ये समस्‍यायें !


शादी के पहले साल हो सकती हैं आपको ये समस्‍यायें !
शादी के पहले साल हो सकती हैं आपको ये समस्‍यायें !

शादी का पहला नशा जब उतरता है तो सब कुछ गुलाबी नहीं होता है. एक दूसरे के साथ एडजस्ट होने मे समय लगता है और तब जाके खड़े होते है समस्या जिन को समझदारी के साथ संभालना चाहिए. ऐसा देखा गया है की पहला साल थोड़ा कठिन है और कई तरह के समस्यों का सामना करना पड़ता है दोनो को.

महिलाओ की समस्‍यायें

नये माहौल मे महिलाओं को सबसे ज़्यादा कठिनाई होती है. इस के कारण मूड डाउन हो जाता है और डिप्रेशन लग जाता है. अगर ससुराल वाले सपोरटिव ना हो तो यह समस्या और बढ़ती है.

महिला अपने पति से एक्सपेक्ट करती है सपोर्ट. वो अगर रुटीन काम मे लग जाता है तो पत्नी को नेग्लेक्टेड फील होना शुरू हो जाता है.

शादी के बाद असली रूप मे लोग नज़र आते है जो शादी से पहले नही होता है तो यह “आफ्टर मैरिज शॉक” छोटे छोटे भूकंप मचा देते है पत्नी के दिमाग़ मे.

पत्नी अगर अपने पति पर डिपेंडेंट है तो खर्चे की बात मे झिझक रहती है और उदासीनता और फ्रस्ट्रेशन के फीलिंग्स होते है.
टेंशन और बदले हालात से स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है. कई बार महिलाओ मे देखा गया है की शादी के बाद वजन बढ़ने लगता है.

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पुरुष की समस्‍यायें

पुरुषो को नौकरी या बिज़्नेस भी करना है और अपने पत्नी पर भी ध्यान देना है तो कन्फ्यूज़ हो सकते है.

पुरुष अपने काम मे इतना लगा रहे तो वो पत्नी को नेग्लेक्ट भी कर सकता है. वो चाहता है की पत्नी अंडरस्टॅंडिंग टाइप हो और ज़्यादा एक्सपेक्टेशन ना रखे और पत्नी चाहती है की पति उस के साथ समय दे और ध्यान दे, जो ना होने पर मिसअंडरस्टैंडिंग खड़ी हो जाती है.

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दोनो की समस्‍यायें

अगर अरेंज्ड मैरिज है तो एक दूसरे के साथ कम्यूनिकेट करने मे तोड़ा बहुत झिझक होता है और सच सच बोलने से घबराते है की कहीं बुरा ना लग जाए.

अगर कपल अकेले रहते है और पत्नी जॉब भी करती है तो घर का काम और ऑफीस के काम से वो ज़्यादा थक जाती है.

पैसे की बात ऐसे मे एक समस्या खड़ी करती है की घर का एक्सपेन्स कैसे शेयर करे? पति ही इसे संभाले? चर्चा करना ज़रूरी है.
एक दूसरे के रिलेटिव्स के साथ एडजस्ट होना, कुछ ऐसा ना कहना की किसी एक पार्ट्नर को बुरा लगे और ऐसे सभी बातो पर खास ध्यान रखना होता है. एक छोटी सी बात हमेशा याद रह जाती है और चुभती रहती है.

समय और धीरज की ज़रूरत होती है की इन छोटे रोड ब्लॉक को पार करे और आगे गाड़ी स्मूथली चले.

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