आप भी जरा देख लो पाकिस्तान के ये जबदस्त कानून !


आप भी जरा देख लो पाकिस्तान के ये जबदस्त कानून !
आप भी जरा देख लो पाकिस्तान के ये जबदस्त कानून !

कानून हमेशा नागरिकों की सुरक्षा और न्याय के लिए महत्वपूर्ण होते हैं. हर देश में कुछ ऐसे कानून होते हैं जिनका पालन करना हर नागरिक के लिए अनिवार्य होता है. लेकिन, हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान में कई ऐसे कानून है जिन्हे जानने के बाद आप हैरत में पड़ जाएंगे. दोस्तों आज के इस आर्टिकल हम आप को पाकिस्तान के कुछ अजीबोगरीब कानून के बारे में बताएंगे.
चलिए दोस्तों, जानते हैं ऐसे ही कुछ कानूनों के बारे में –

पाकिस्तानी नागरिक इजराइल नहीं जा सकते :

पाकिस्तानी नागरिक इजराइल नहीं जा सकते

पाकिस्तान अपने किसी भी नागरिक को इजराइल जाने की इजाजत नहीं देता और ना ही उन्हें कोई वीजा इशू करता है. इतना ही नहीं इजराइल की करेंसी भी पाकिस्तान में वैध नहीं है. इसी वजह से अगर किसी पाकिस्तानी को इजराइल जाना है तो सीधे इजराइल नहीं जा सकता. मुख्य तौर पर देखा जाए, तो पाकिस्तान इसराइल को देश ही नहीं मानता. इसलिए पाकिस्तान यहां के लिए वीजा नहीं देता. इतना ही नहीं वह इजराइल को नक़्शे में भी नहीं दिखाता.

दूसरों का फ़ोन नहीं छू सकते :

दूसरों का फ़ोन नहीं छू सकते :

बिना आज्ञा के किसी का फोन छूने पर 6 महीने की जेल. अगर आप पाकिस्तान में हैं और आपने किसी की इजाजत के बिना उसका फोन छू लिया तो आपको 6 महीने की जेल हो सकती है. अब अगर आप यह सोच रहे हैं, कि इस बात को कैसे तय किया जाएगा कि किसने किसका फोन छुआ है. तो आपको बता दें, कि फोन मालिक के दिए गए बयान पर इस बात को तय किया जाता है कि फोन छुआ गया है और उसी के आधार पर सजा सुना दी जाती है.

अहमदी समुदाय के लोगों को माना जाता है गैर मुस्लिम : 

अहमदी समुदाय के लोगों को माना जाता है गैर मुस्लिम :

पाकिस्तान में अहमदी समुदाय के लोगों को गैर मुस्लिम माना जाता है. यह पाकिस्तान का सबसे वाहयात कानून है. साल 1974 तक अहमदी समुदाय पाकिस्तान के मुस्लिम समुदाय का ही हिस्सा था. लेकिन, सन 1974 में एक विशेष कानून बनाते हुए यह घोषणा कर दी गयी की अहमदी समुदाय गैर मुसलमान है. यहां तक कि, अगर आप पासपोर्ट लेने भी जाएंगे तो वहां एक घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करवाये जाते हैं. जिसमें यह लिखा जाता है, कि मैं अहमदी समुदाय को गैर मुस्लिम घोषित करता हूं.

पढ़ाई में लगता है टैक्स :

पढ़ाई में लगता है टैक्स

आपको बता दें कि पाकिस्तान में साक्षरता दर मात्रा 50% है और इसके अनेक कारणों में से सबसे बड़ा कारण यह है कि यहां पर अगर आप पढ़ाई कर रहे हैं और आपके पढ़ाई पर 2 लाख से ज्यादा खर्च हो रहा है तो इसके लिए आपको 5% टैक्स देना पड़ेगा. तो अब आप खुद ही सोच सकते हैं, कि जो इंसान किसी भी तरीके से पैसे जुटा कर पढ़ाई कर रहा है वह अगर टेक्स भी देगा तो पढ़ाई कैसे करेगा.

कुछ अरबी शब्दों को अंग्रेजी में नहीं बोल सकते :

कुछ अरबी शब्दों को अंग्रेजी में नहीं बोल सकते

अल्लाह, मस्जिद, रसूल और नबी जैसे अरबी शब्दों का अंग्रेजी वर्जन इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. यह कानूनी रुप से अपराध है.

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पाकिस्तान में है 3 तरीके के कानून :

पाकिस्तान में है 3 तरीके के कानून

पाकिस्तान दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां पर तीन प्रकार के कानून है –

  • पाकिस्तान का पेनल कोड
  • शरिया कानून और
  • जिरगा कानून

यह कानून क्षेत्र के हिसाब से बटे हुए हैं, यानी कि गांव और पिछड़े इलाकों के लिए अलग कानून और शहरों के लिए अलग. ऐसा इसलिए भी है क्योंकि पाकिस्तान कानूनी रुप से एक कमजोर देश माना जाता और यहां पर लोग अपने हिसाब से कानून को तोड़ मरोड़ देते हैं. यह लोग इतने ताकतवर है कि पाकिस्तान की सरकार भी इन से डरती है. इसलिए इनकी मन मर्जी मुताबिक कानून चलाए जाते हैं.

देश के पीएम का मजाक नहीं उड़ा सकते : 

देश के पीएम का मजाक नहीं उड़ा सकते

पाकिस्तान में वहां के प्रधानमंत्री का मजाक उड़ाने पर अगर आप पकड़े गए तो आप को अच्छा खासा जुर्माना भरना पड़ सकता है. यह कानून वहां के खोखले लोकतंत्र और मीडिया के अधिकारों की भी पोल खोल देता है.

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कुछ दिनों डबल सवारी नहीं चल सकते :

कुछ दिनों डबल सवारी नहीं चल सकते

कई सार्वजनिक छुट्टियों के दिन दोपहिया वाहनों पर डबल सवारी चलने की इजाजत नहीं है. सुरक्षा की दृष्टि से ऐसा नहीं किया जा सकता है.

रमजान के 1 महीने बाहर खाना है सख्त मना :

रमजान के 1 महीने बाहर खाना है सख्त मना

रमजान के पाक महीने में घर के बाहर कुछ भी खाना इल्लीगल है. अगर आप मुस्लिम नहीं है तब भी इस नियम को मानना जरूरी है. इस कानून का मजाक उड़ाते हुए खुद पाकिस्तानी कहते हैं कि हमारे लिए मजहब ही सब कुछ है और किसी की भूख कुछ भी नहीं. जब कि खुदा ने भूखे को खाना खिलाना ही सबसे बड़ा मजहब बताया है.


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