ड्रैगन का रहस्य, जिसे जान कर आप दंग रह जायेंगे.


ड्रैगन का रहस्य, जिसे जान कर आप दंग रह जायेंगे.
ड्रैगन का रहस्य, जिसे जान कर आप दंग रह जायेंगे.

ड्रैगन का रहस्य, जिसे जान कर आप दंग रह जायेंगे : Dragon ka Rahasya Jise jaan kar aap dang reh jayenge

ड्रैगन अथवा समक्ष नाग क्या होते हैं ? क्या धरती पर ऐसे ड्रैगन या सर्प दैत्य का अस्तित्व है जो आग उगलता है ? इतिहास और मिथक इस प्रश्न का उत्तर हमें देते हैं. लेकिन वर्तमान में तो हमें कोई ड्रैगन या सपक्ष नाग दिखाई नहीं देते फिर वह सब कहां गायब हो गए या ड्रैगन केवल एक काल्पनिक संकल्पना थी, जिसके द्वारा हम दुनिया की अनेक अनुत्तरित घटनाओं को तर्कसम्मत तरीके से समझ सके?

लगभग सभी देशो के मिथकों में ड्रैगन या सपक्ष नाग का उल्लेख मिलता है. यह अलग बात है कि पश्चिमी मिथकों में ड्रैगन का जो विवरण मिलता है, वह पूर्वी देशों के विवरण से बहुत अलग है. अनेक दिलचस्प लोककथाएं इन्ही के इर्द-गिर्द बुनी हुई है.

ब्रिटिश संग्राहालय में एसेक्स के सर्प की कथा पत्थर पर खुदी हुई है, तो वही रखी बोव की पांडुलिपि में ड्रैगन का विस्तृत विवरण मिलता है. इसके अनुसार सैक्शनों के काल में डह्रम प्रांत को स्टार्कबर्न ड्रैगन ने आतंकित कर रखा था.

ड्रैगन पर शोधकर्ताओं का अध्यन और राय

 

ड्रैगन पर शोधकर्ताओं का अध्यन और राय : Dragon par sodhkartaon ka adhyan aur ray

ड्रेगन की घटनाओं को अलग-अलग शोधकर्ता और अध्ययन करता अलग-अलग तरीकों से समझाते हैं. लेकिन इनमें से कोई भी किसी एक ठोस निर्णय पर नहीं पहुंचता देखा जाए तो सभी व्याख्या कमजोर है और किसी वैज्ञानिक सिद्धांत के अभाव में ड्रैगन के मिथक लोक कथाओं और फंतासी ने घेर रखा है या विश्वास किया जाता है कि ड्रैगन वास्तव में किसी वास्तविक जानवर के पूर्वज रहे होंगे.

सन् 1980 में 150 वर्ष की आयु वाले जानवर की खोपड़ी और जबड़े की हड्डियां पाई गई है. जानवर प्लीजयौरसौर था यह करोड़ो वर्ष पहले धरती पर रहने वाले विशालकाय जीव माने जाते थे. यह हड्डियां बेस्टबरी क्षेत्र में पाई गई जबड़े की हड्डी में लगभग 80 दांत थे. इनमें से सबसे बड़ा दांत 8 इंच लंबा था और जबड़े के आकार को देख कर कहा जा सकता है कि वह जीव 30 फुट लंबा रहा होगा.

कुछ विद्वान का मत है कि ड्रैगन अपने परिवार के अन्य सदस्यों की नियति से बच गए थे और वह अंततः लुप्त होने से पहले काफी लंबे समय तक धरती पर जीवित रहे. दूसरी और कुछ विद्वानों का मानना है की लुप्त नहीं हुए और आज भी जीवित है. वह अपनी व्याख्या की पुष्टि करते हुए कहते हैं, कि जो एक करोड़ वर्ष पहले अस्तित्व में आया. इन तथ्यों को देखते हुए यह मानना होगा कि उस समय मनुष्य जैसा कोई और जीव रहा होगा जो लुप्त होने से रह गया.

प्राचीन कथाओं में ड्रैगन का उल्लेख

 

प्राचीन कथाओं में ड्रैगन का उल्लेख : Prachin kathon me dragon ka ullekh

मिथक में ऐसे जीव कि अनेक कथाएं मिलती है. मध्यकालीन पश्चिमी दुनिया में फोनिक्स को पुनर्जीवन का भी माना जाता था. चीता इसा मसीह का प्रतिनिधित्व करता था और ड्रैगन एंटी क्राइस्ट शैतान का निशान था. कहानी कुछ इस प्रकार है, जब चीता खाना खोजने के लिए निकलता था तो ड्रैगन डरकर छिप जाता था. ड्रेगन चीते से बहुत डरता था. दूसरे शब्दों में कहानी में बुराई पर अच्छाई की जीत की ओर संकेत किया गया है.

रोम के मशहूर इतिहासकार प्लिनी में विस्तार से ड्रैगन परीघटनाओं पर चर्चा की है. अपनी पुस्तक हिस्ट्री इसमें जिसे उसने पहली शताब्दी ईसा अपराध में लिखा था. वह ड्रैगन और हाथी के बीच की शत्रुता का विस्तृत विवरण देता है.

पुराने इतिहासकारों और लेखकों के अतिरिक्त भी ड्रैगन की कथाओं में विश्वास करते हैं. उन्होंने अपने नक्शों में ड्रैगन को वास्तविक रुप से उभारा है. हो सकता है कि वह ड्रैगन का निशान उन स्थानों को इंगित करने के लिए करते होंगे जो उनकी सीमा से बाहर के थे.

कुछ अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि कुछ सांपों में विशेषकर ब्राजील के अजगर में ड्रैगन जैसे गुण पाए जाते हैं. क्योंकि यह लगभग 25 फुट लंबे तक हो जाते हैं. सन 1978 में एक अजगर ने एक आदमी को लगभग निगल लिया था. गांव वाले उस अजगर को ड्रेगन ही मान रहे थे. उन्होंने उस पर हमला किया लेकिन अजगर के साथ साथ वह आदमी भी मर गया.

इंडो मलाया क्षेत्र में एक प्रकार की पूर्ण छिपकली पाई जाती है जिसे लोग ड्रेको के नाम से पुकारते हैं. एक अन्य आश्चर्यजनक रूप से बड़ी छिपकली का नाम कोमोडो ड्रैगन है, ड्रेको के विपरीत है. यह छिपकली 12 फुट लंबी हो सकती है. इसका शरीर लंबा होते और मछली की खाल वाला होता है. कोमोडो ड्रैगन के सिर और पैर बहुत भद्दे और बदसूरत होते हैं, लेकिन यह उड़ नहीं सकता. उड़न छिपकली ड्रेको केवल 6 इंच लंबी होती है उसमें यह ड्रैगननुमा नहीं होते. भले यह देखने में छोटा लगे लेकिन इन्होंने भी ड्रैगन की कथा जीवित रखने में अपना योगदान दिया है.

ड्रैगन और मगरमच्छ सांप छिपकली घड़ियाल आदि में अनेक समानताएं मिलती है. क्योंकि यह सभी एक परिवार के सदस्य हैं. लेकिन यह भी इन्हें ड्रैगन की कपोल कथाओं का स्रोत बना देने के लिए पर्याप्त नहीं है. ड्रैगन की मिथ्या का स्रोत तलाशना अत्यंत ही कठिन है.

कुछ लोगों का मानना है कि इस का स्रोत ब्रह्मांड की उथल पुथल में हो सकता है. उनका कहना है कि जब वीनस का पृथ्वी के निकट आया और यहां घोर नाश हुआ तब मनुष्य ने अन्य ग्रहों और ज्योतिष शास्त्र की सहायता ली और इससे असीरिया, अजटेक और बेबी लोन की अनेक दंतकथाएं पैदा हुई. उनका मानना था कि विनस एक पंखों वाला सर्प या डरावना ड्रैगन है जिसने पृथ्वी को लगभग नष्ट कर दिया था.

उनके अनुसार ड्रैगन उथल-पुथल और विध्वंस घोतक है. आज तक कोई भी यह बता पाने में सफल नहीं हुआ कि उनका वास्तविक घटना से क्या संबंध है. लेकिन पूरी दुनिया में सब लोग इन के अस्तित्व में यकीन रखते हैं और उन्हें दुनिया की समस्त दुर्घटनाओं का जिम्मेदार मानते हैं. ड्रैगन वर्षों से मनुष्य के मनोग्रहों को दर्शाता रहे है. इसलिए यह कहा जा सकता है कि ड्रेगन ना केवल प्राचीन है बल्कि बहुत बलशाली है. इसलिए ड्रैगन की मिथ्या पूरे प्रबलता के साथ जीवित है.

 

ड्रैगन की मिथ : Dragon ki Myth

सर ग्राफटन इलियट ने दुनिया-भर के ड्रैगन की दंतकथाएं एकत्रित की है. इनसे वह एक निर्णय पर पहुंचे हैं कि ड्रैगन नदियों और सागरों पर नियंत्रण रखता है या बादलों में रहता है और अक्सर बिजली कड़कने बादल गरजने या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के लिए जिम्मेदार होता है. संक्षेप में ड्रैगन पृथ्वी की शक्तियों पर नियंत्रण रखता है. प्राचीन कला में भी ड्रैगन के चित्र मिलते हैं.

पुराने जमाने में कलाकार इन्हें गुंजलक मारे हुए और आराम करते हुए जीवो के रूप में कुछ-कुछ विशाल सर के रुप में प्रस्तुत करते हैं. पुराने जमाने की कला वास्तुकला और लकड़ी के फर्नीचर में भी इन्हें दैत्याकार सर्पो के रूप में दिखाया गया है. विभिन्न देशों के मिथकों में ड्रैगन की दंतकथाएं मिलती है. कुछ देशों में आज भी यह विश्वास है कि दुनिया ड्रैगन के सिर पर टिकी है जब अपना सिर हिलाता है तो प्राकृतिक विपदाएं आती है. मिस्र के लोगों का विश्वास है कि उनके सूर्य देवता ‘श’ को मेहन नाम सर्प अपने अपने गुंजलक में लपेटा हुआ है.

पूर्व का ड्रैगन पश्चिम की ड्रैगन से बहुत भिन्न है. पूर्व का ड्रैगन बहुत ही लाभकारी जीव हैं शक्ति का घोतक बन गया. यहां तक कि चीन का बादशाह ड्रैगन की आकृति के सिंहासन पर बैठा था. वैसे वस्त्र धारण करता था जिन पर ड्रैगन बने हुए होते थे. ड्रैगन वर्षों से मनुष्य के मनोग्रहों को दर्शाता रहा है इसलिए यह कहा जा सकता है ड्रैगन न केवल प्राचीन ब्लकि बहुत बलशाली है. इसलिए ड्रैगन की मिथ पूरे प्रबलता के साथ जीवित है.


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