तिरंगे से जुड़े 30 मजेदार और महत्वपूर्ण जानकारियां, शायद आप नहीं जानते होंगे.


 

भारत का राष्ट्रीय ध्वज़ देश के लिये सम्मान और स्वतंत्रता का प्रतीक है. इसका हर भारतीय के लिये बहुत महत्व है. हमें इसका सच्चे दिल से सम्मान करना चाहिये साथ ही इसके बारे हमें जानकारी होनी चाहिये. दोस्तों राष्ट्रीय झंडा तिरंगा हमारी आन बान और शान है. आज इसी आन बान और शान से जुडी रोचक और महत्वपूर्ण जानकारियां आप सब के साथ साझा करने की सोची इस आर्टिकल ( तिरंगे से जुड़े 30 मजेदार और महत्वपूर्ण जानकारियां, शायद आप नहीं जानते होंगे ) के माध्यम से. हो सकता है इनमे से कई और सारी बातें आपको पहले से पता हो पर जिन लोगों को ये बातें पता नहीं ही उनके लिए अपने राष्ट्रीय ध्वज़ के बारे में जानना बहुत ही जरुरी है. तो चलिए जानते है.

 

  • क्या आपको पता है कि देश में ‘फ्लैग कोड ऑफ इंडिया’ यानि भारतीय ध्वज संहिता नाम का एक कानून है, जिसमें तिरंगे को फहराने के कुछ नियम-कानून निर्धारित किए गए हैं.
  • तिरंगा हमेशा कॉटन, सिल्क या फिर खादी का ही बना होना चाहिए प्लास्टिक का झंडा बनाने की मनाही है.
  • यदि कोई शख्स ‘फ्लैग कोड ऑफ इंडिया’ के तहत गलत तरीके से तिरंगा फहराने का दोषी पाया गया तो उसे जेल भी हो सकती है. इसकी अवधि तीन साल तक बढ़ाई जा सकती है या जुर्माना लगाया जा सकता है या फिर दोनों भी हो सकते हैं.
  • किसी भी स्तिथि में फटे या क्षतिग्रस्त झंडे को नहीं फहराया जा सकता है.
  • झंडे का इस्तेमाल किसी भी प्रकार के यूनिफॉर्म या सजावट के सामान में नहीं हो सकता.
  • तिरंगे का निर्माण हमेशा आयताकार (रेक्टेंगल) आकार में ही होगा. जिसका अनुपात 3 : 2 ही होना चाहिए.
  • झंडे पर कुछ भी बनाना या लिखना गैरकानूनी है.
  • किसी भी स्तिथि में झंडा (तिरंगा) जमीन पर सटना (टच) नहीं चाहिए.
  • किसी भी गाड़ी के पीछे, बोट या प्लेन में तिरंगा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है. इसका प्रयोग किसी ईमारत को ढकने में भी नहीं किया जा सकता है.
  • जब झंडा फट जाए या मैला हो जाए तो उसे एकांत में पूरा नष्ट किया जाए. इसे गोपनीय तरीके से सम्मान के साथ जला दिया जाता है या पवित्र नदी में जल समाधि दे दी जाती है.
  • किसी भी दूसरे झंडे को तिरंगा झंडे से ऊंचा या ऊपर नहीं लगा सकते और न ही बराबर रख सकते है.
  • झंडा केवल राष्ट्रीय शोक के अवसर पर ही आधा झुका रहता है.
  • जब तिरंगा फट जाए या रंग फीका पड़ जाये तो इसे फहराया नहीं जा सकता. ऐसा करना राष्ट्रध्वज का अपमान या अपराध माना जाता है.
  • शहीदों के पार्थिव शरीर से उतारे गए झंडे को भी गोपनीय तरीके से सम्मान के साथ नदी में जल समाधि दी जाती है या फिर जला दिया जाता है.
  • अभी जो तिरंगा का डिजाईन और फहराया जाता है उसे 22 जुलाई 1947 को अपनाया गया था. इससे पहले इसमें 6 बार बदलाव किये जा चुके है.
  • राष्ट्रीय ध्वज को पिंगली वैंकेया ने डिज़ाइन किया था
  • सबसे पहले लाल, पीले व हरे रंग की हॉरिजॉन्टल ( छैतिज ) पट्टियों पर बने झंडे को 7 अगस्त 1906 को पारसी बागान चौक, ग्रीन पार्क, कोलकाता में फहराया गया था.
  • तीन हिस्से से बने झंडे में सबसे ऊपर केसरिया, बीच में सफ़ेद और नीचे हरे रंग की एक बराबर पट्टियां होती है. झंडे की चौड़ाई और लंबाई का अनुपात 2:3 का होता है.
  • 22 जुलाई 1947 से पहले तिरंगे के बीच में चक्र की स्थान ( प्लेस ) पर चरखा होता था. इस झंडे को 1931 में अपनाया गया था.
  • सफ़ेद पट्टी के बीच में गहरे नीले रंग का एक चक्र होता है जिसका व्यास लगभग सफ़ेद पट्टी की चौड़ाई के बराबर होती है और इसमें 24 तिलियां बनी होती हैं.
  • 26 जनवरी 2002 को भारतीय ध्वज संहिता में एमेंडमेंट किया गया. जिसके तदुपरांत लोगों को अपने घरों और ऑफिस में आम दिनों में तिरंगा फहराने की अनुमति मिल गई.
  • राष्ट्रपति भवन के म्यूज़ियम में एक छोटा तिरंगा रखा हुआ है, जिसे सोने के स्तंभ पर हीरे-जवाहरातों से मढ़ कर बनाया गया है.
  • झारखंड की राजधानी रांची में 23 जनवरी 2016 को देश का सबसे ऊंचा तिरंगा फहराया गया. 66*99 साइज के इस तिरंगे को जमीन से 493 फ़ीट ऊँचाई पर फहराया गया.
  • भारत में बैंगलुरू से 420 किमी स्थित हुबली एक मात्र लाइसेंस प्राप्त संस्थान है जो झंडा बनाने का और सप्लाई करने का काम करता है.
  • पहली बार 21 अप्रैल 1996 के दिन स्क्वाड्रन लीडर संजय थापर ने तिरंगे की शान बढाते हुए एम. आई.-8 हैलीकॉप्टर से 10000 फीट की ऊंचाई से कूदकर देश के झंडे को उत्तरी ध्रुव पर फहराया था.
  • 29 मई 1953 में भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा, दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट पर यूनियन जैक तथा नेपाली राष्ट्रीय ध्वज के साथ फहराता नजर आया था इस समय शेरपा तेनजिंग और एडमंड माउंट हिलेरी ने एवरेस्ट फतह की थी.
  • दिसंबर 2014 से चेन्नई में 50,000 स्वयंसेवकों द्वारा हस्त निर्मित झंडा बनाने का विश्व रिकॉर्ड भी भारतीयों के पास ही है.
  • सन1984 में विंग कमांडर राकेश शर्मा ने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को लेकर अंतरिक्ष के लिए पहली उड़ान भरी थी.
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tiranga se judi rochak aur mahtvpurn jankariyan shayad aap nahi jaante honge. bhartiye,indian, Nation flag


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