दिमाग़ कैसे पढ़े: सच और झूठ पता लगाए


how to read someone mind

 
आज इस पोस्ट के माध्यम से मैं आपको बतऊँगा की दिमाग़ कैसे पढ़े. जी हाँ आपने सही सुना यह किसी मैजिक ट्रिक से कम नही है. दिमाग़ पढ़ना ज़्यादा डिफिकल्ट नही है अगर आप किसे के बॉडी मूव्मेंट अब्ज़र्व करते हो तो उसका दिमाग़ आसानी से पढ़ सकते हो. ऐसे बहुत से बॉडी मूव्मेंट होते है जिन्हे अब्ज़र्व करके आप किसी भी आदमी का झूठ आसानी से पकड़ सकते हो. सो अब हम ज़्यादा टाइम नही बर्बाद करेंगे तो चलिए इस लेख को पढ़ते है

दिमाग़ कैसे पढ़े

आज मैं आपको कुछ ऐसे सॉलिड टिप्स बतौँगा जिसे जानने के बाद आप किसी भी आदमी का दिमाग़ पढ़ सकते हो और यह पता लगा सकते हो की वो झूठ बोल रहा है या सच. यह बहुत ही इंट्रेस्टिंग ट्रिक है और आशा करता हूँ की आपको पसंद आएगा और यही तरीका पोलीस भी असली चोर को पकड़ने के लिए इस्तेमाल करती है. आजकल के इस भाग दौड़ भरी जिंदगी मे हमें बहुत ही सावधान रहने की ज़रूरत है इसलिए यह पोस्ट आप सभी के लिए हेल्पफुल है.

दिमाग़ कैसे पढ़े: सच और झूठ पता लगाए

नाक और मुह छूना :

अगर कोई झूठ बोलने की कोशिश करता है तब वो ज़्यादातर अपने नाक को टच करने लगता है इसके पीछे की वजह यह है की उस टाइम हुमारी एड्रेनालाईन सेकरेशन फास्ट हो जाती है कैपिलरीज के अंदर जिसके वजह से नाक में खुजली होती है और हम नाक को टच करने लग जाते है. एक और तरीका है झूठ पकड़ने का अगर कोई कुछ बोलते टाइम अपने मौत को हाथ से कवर करता है तो मतलब वो कुछ आपसे छिपा रहा है.

आँखों का इधर उधर घूमना :

हुमारी आँखें चुप रहकर भी बहुत कुछ बता देती है. एक्चुअली झूठ बोलने वाला अगर राईट हैण्ड वाला है तो वो अपनी आँखें उस तरफ मूव करेगा यानि राईट साइड मूव करेगा. अगर वो लेफ्ट हैंडेड है तो उसकी आँखें लेफ्ट साइड में मूव्मेंट करेगी. सो आँखों को भी आप अब्ज़र्व कर सकते हो झूठ पकड़ने के लिए.

आँख मिलाना :

झूठ बोलते टाइम कोई सीधे सीधे आप से आँख नही मिलता, मतलब की वो आपसे नज़ारे मिलाकर बात नही करेगा उसकी नज़रे इधर उधर की चीज़ो पर जाएगी इसके पीछे की वजह यह है की उसे डर होता है कही उसके चेहरे के हाव् भाव से आपको उसके झूठ पर सक ना हो जाए.

आवाज़ पे दे ध्यान :

जब कोई झूठ बोलने की कोशिश करता है तो उसके आवाज़ में चेंजस आपको क्लियर्ली नज़र आएगा. ऐसे लोग कभी फास्ट बोलने लगते है तो कभी स्लो इनकी वाय्स पिच भी लगातार चेंज होती रहती है. सो आप आवाज़ से भी झूठ बोलने वाले को पकड़ सकते हो.

बहुत ही डेंटल में किसी चीज को बताना :

बहुत से लोग अपनी झूठ छुपाने के लिए एक्सट्रा डीटेल देने लगते है मतलब आपके सवाल का जितना आंसर होना चाहिए उससे ज़्यादा देने की कोशिश करता है. ऐसा लोग इसलिए करते है क्यूकी उन्हे लगता है की ऐसा करने से आप उनकी बातों पर विश्वास कर लोगे. सो अगर कोई बढ़ा चढ़कर आपको जानकारी देने की कोशिश करे तो मतलब ज़रूर कुछ गड़बड़ है

किसी भी चीज को बार बार कहना :

बहुत बार लोग अपने झूठ को सच बनाने के लिए किसी एक वर्ड को बार बार रिपीट करने लगते है, यह लोग ऐसा इसलिए करते है क्यूकी उन्हे ऐसा लगता है की ऐसा करने से उनकी बातों पर आपको आसानी से भोरसा हो जाएगा.

पसीना आना :

ज्यादातर लाइयर्स जब झूठ बोलते है तब उनके फेस पर पसीना आसानी से नज़र आता है. पॉलीग्राफ टेस्ट यानि झूठ पकड़ने की मशीन में भी हुमारे पसीने को मेजर यानि मापने से किया जाता है. हालाँकि इस पसीने की वजह नरवसनेस और शर्मीलापन भी हो सकती है

आप उस से उस कहानी को दुबारा से बोलने को कह सकते है :

अगर कोई बात सच होती है तो हम उसे जल्दी नही भुला सकते लेकिन अगर कोई बात झूठ होती है तो हम उसे ईज़िली भूल जाते है. अगर आपको किसी पर डाउट हो तो उसे उनकी बोली हुई बात दुबारा रिपीट करने के लिए बोले सकते हो जिससे उसकी झूठ पकड़ी जाए. और यह सबसे बेस्ट तरीका है झूठ पकड़ने का

सांस का तेज चलना :

बहुत बार ऐसा भी होता है की जब हम कुछ झूठ बोलते है तो हुमारी सांस तेज हो जाती है क्यूकी हमे डर होता है की हम पकडे ना जाए. सो आप किसी के सांस की रफ़्तार से भी उसके झूठ का पता लगा सकते हो.

 

जैसे की आपने देखा की किस तरह से हम किसी भी लाइयर को ईज़िली पकड़ सकते है उसके बॉडी मूव्मेंट को ध्यान में रखकर. यह ज़रूरी नही है की इस तरह की एक्टिविटी वाला झूठ ही बोल रहा हो क्यूकी नर्वुसनेस और शाइनेस के वजह से भी वो ऐसा कर सकता है इसलिए यह हुमेशा सही नहीं बताता बस हुमारा तोड़ा डाउट क्लियर कर देता है. मैं आपको एक और सजेशन देना चाहूँगा की जब तक आपके पास कोई सॉलिड प्रूफ ना हो तब तक किसी को उसके बॉडी मूव्मेंट के आधार पर झूठा ना बोले.

Dimag Kaise Padhe: Sach aur Jhoot Pata Lagaye


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