महाभारत की इन राजकुमारियों ने भी बनाया था अनैतिक संबंध, पर क्यों ?


महाभारत की इन राजकुमारियों ने भी बनाया था अनैतिक संबंध, पर क्यों ?
महाभारत की इन राजकुमारियों ने भी बनाया था अनैतिक संबंध, पर क्यों ?

महाभारत की इन राजकुमारियों ने भी बनाया था अनैतिक संबंध, पर क्यों .. वजह जानकर हो जाएंगे हैरान : Mahabharat Ki In Rajkumariyo Ne Bhi Banaya Tha Anaitik Sambandh, Par Kyon .. Wajah Jaankar Ho Jayenge Hairan

महाभारत एक ऐसा पौराणिक महाकाव्य है, जिसे जानता तो हर कोई है. इसके बारे में सबसे ज्यादा चर्चा होती है. लेकिन फिर भी महाभारत महाकाव्य में कई ऐसे रहस्य छुपे हुए हैं, जिनके बारे में आज तक सही जानकारी नहीं लग पाई है. या फिर बहुत कम लोगों को ही इस बारे में पता है.

उदाहरण के तौर पर महाभारत की कई राजकुमारियां ऐसी थी, जिन्होंने अनैतिक संबंध बनाया था. या यूं कहें कि उन्हें अनैतिक संबंध बनाना पड़ा था. अनैतिक संबंध से साफ मतलब निकलता है कि पति के रहते हुए रानी और पटरानीयों को किसी दूसरे पुरुष के साथ संबंध बनाकर बच्चों को जन्म देना पड़ा.

इस कड़ी में सबसे पहले हम बात करते हैं महाभारत की एक प्रमुख पात्र मत्स्यगंधा की. बाद में मत्स्यगंधा सत्यवती के नाम से जानि गई. सत्यवती बेहद हीं खूबसूरत थी. जिस कारण शांतनु उनकी खूबसूरती से आकर्षित हो गए. और सत्यवती से विवाह कर लिया. विवाह के बाद उनके दो पुत्र विचित्रवीर्य और चित्रांगद हुए. सत्यवती के एक तीसरा पुत्र भी था, उस तीसरे पुत्र का नाम था व्यास. जो बाद में महर्षि व्यास के नाम से विख्यात हुए. सत्यवती जब कुमारी थी तभी व्यास का जन्म हुआ था. महर्षि व्यास के पिता ऋषि पराशर थे.

महाभारत की इन राजकुमारियों ने भी बनाया था अनैतिक संबंध

महाभारत की इन राजकुमारियों ने भी बनाया था अनैतिक संबंध : Mahabharat Ki In Rajkumariyo Ne Bhi Banaya Tha Anaitik Sambandh

सत्यवती के दो पुत्र विचित्रवीर्य और चित्रांगद का विवाह अंबालिका और अंबिका से हुआ. लेकिन विवाह के कुछ ही दिनों पश्चात विचित्रवीर्य और चित्रांगद की मृत्यु हो गई. भीष्म ने आजीवन विवाह नहीं करने की प्रतिज्ञा ली थी. अतः अपने वंश को सत्यवती मिटने नहीं देना चाहती थी. इसलिए अंबिका और अंबालिका से उन्होंने अपने तीसरे पुत्र व्यास से संतान उत्पन्न करने का आग्रह किया. और सत्यवती की आग्रह को मानते हुए दोनों राजकुमारी अंबालिका और अंबिका ने महर्षि व्यास से गर्भ धारण किया. जिनसे पांडु और धृतराष्ट्र का जन्म हुआ.

दरअसल सत्यवती से महर्षि व्यास ने जब कहा कि एक राजकुमारी का पुत्र रोगी और एक राजकुमारी का पुत्र अंधा होगा, तो सत्यवती ने एक बार राजकुमारियों को अपने तीसरे पुत्र व्यास के पास भेजने की इच्छा जाहिर की. लेकिन अंबालिका और अंबिका काफी डर गई थी. इसलिए उन्होंने अपनी दासी को उनके पास भेज दिया. और उनकी दासी ने व्यास से गर्भधारण किया जिससे स्वस्थ और ज्ञानी पुत्र विदुर ने जन्म लिया.

कुंती के विषय में तो हर कोई जानता है, कि राजकुमारी कुंती का विवाह महाराज पांडु से हुआ था. लेकिन एक ऋषि के श्राप के कारण पांडु की कोई संतान नहीं हो सकती थी. इस कारण पांडु ने कुंती से कहा कि वो पवन देव और इंद्र देव से गर्भ धारण करे. और कुंती ने पवन देव और इंद्र देव से गर्भ धारण किया. जिनसे उनके तीन पुत्रों का जन्म हुआ. जो युधिष्ठिर, भीम, और अर्जुन कहलाए. पांडु की एक और पत्नी थी माधुरी. माधुरी से भी पांडू ने अश्वनी कुमारों को आवाहन करने को कहा. जिनसे नकुल और सहदेव का जन्म हुआ.


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