मेरे प्यारे दादाजी


मेरे प्यारे दादाजी
सुबह हो गई जागो तुम
चलो घूमने बाग में।

सैर – सपाटा करके आएं
सेहत अपनी बनाएं हम।
ब्रश करो और चाय पीओ
आलस दूर भगाओ तुम।

मुझको तो है दूध पीना
क्योंकि बनना है बलवान।
पढ़ना-लिखना, खाना-पीना
करना है सब अच्छा काम
जिससे हो कुछ जग में नाम।

मेरे प्यारे दादाजी
सुबह हो गई जागो तुम।


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