मैं बारूद तैयार करता हूँ.


मैं बारूद तैयार करता हूँ.
मैं बारूद तैयार करता हूँ.
मैं बारूद तैयार करता हूँ.
गुजारे भर के लिए दुनिया से प्यार करता हूँ 
असल में मौत, मैं तेरा इंतज़ार करता हूँ
मैंने तिजोरियों मे पुरानी किताबें भर रखी है 
मैं इन्हें सूंघने, झाड़ने, पोछने का कारोबार करता हूँ
मैं इतना कैद हूँ कि जंजीरों से प्यार करता हूँ 
मैं इतना नाउम्मीद हूँ कि तुझ पर भी ऐतबार करता हूँ 
मैं इतना तरसा हूँ कि रेत को भी पानी कर दूँ 
मैं इतना बरसा हूँ कि बादलों को भी शर्मशार करता हूँ
मैं तेरी वो जन्नत दरकिनार करता हूँ 
मैं तेरी खिदमत से इंकार करता हूँ 
तू लिख अपना फैसला जो मंजूर हो तुझे 
मैं तब तक अपनी कलम मे धार करता हूँ
मैं ना मर्द हूँ, औरतों से बलात्कार करता हूँ
मैं ऐसा बाप हूँ, बच्चो को Guinea Pig मे शुमार करता हूँ 
मैं वो भाई हूँ जो बहनों के कमरे में आशिक़ों के खत ढूंढता है 
मैं एक मुंडेर हूँ और अपने कबूतरों का शिकार करता हूँ
मैं मर चुका हूँ, मैं ये स्वीकार करता हूँ 
बस अपने जिस्म के सड़ने का इंतज़ार करता हूँ 
मुझे जला देना, दफना देना, जैसे चाहे मिटा देना 
मैं खुदा को भी अपना मज़हब बताने से इंकार करता हूँ
तुम्हे क्या लगता है मैं कागज़ बेकार करता हूँ 
तुम्हे क्या लगता है मैं बेकार किसी बगावत का इंतज़ार करता हूँ 
मैंने अपनी आँखों से सपने नोच फेंके हैं 
मैं जाग कर रात भर इस कमरे में बारूद तैयार करता हूँ.


                 -- Amit Choudhary

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