क्या हस्तमैथुन करने से कमजोरी आती है ? क्या हस्तमैथुन करना हानिकारक है ?


क्या हस्तमैथुन करने से कमजोरी आती है ? क्या हस्तमैथुन करना हानिकारक है ?
क्या हस्तमैथुन करने से कमजोरी आती है ? क्या हस्तमैथुन करना हानिकारक है ?

Kya  Hastmaithun karne se kamjori hoti hai, kya hastmaithun karna hanikark hai?

दोस्तों, हम बात कर रहे हैं सेक्स संबंधित समस्याओं से कैसे निजात पाएं. यह बहुत ही कॉमन समस्या है, हम सभी को लाइफ में यह झेलना पड़ता है, कभी न कभी, खास करके जब हम दांपत्य जीवन में होते हैं तो, और हम समझ नहीं पाते हैं इन समस्याओं को किस से शेयर करें या किस से इस संबंध में जानकारी एकत्रित करें. किशोरावस्था में भी ये प्रॉब्लम होते हैं, आगे चलकर जब दांपत्य जीवन आता है उसमें भी प्रॉब्लम हो सकते हैं.

सेक्स संबंधित समस्याएं कभी भी हो सकती हैं. तो इनसे अगर आप भी चाहते हैं छुटकारा पाना, निजात पाना या इस संबंध में नॉलेज रखना तो आप हमसे जुड़े रहें. आप आसानी से जो चाहते हैं यानि कि आपकी जो समस्या है उससे निजात पा सकते हैं.

क्या हस्तमैथुन करने से कमजोरी आती है ? क्या हस्तमैथुन करना हानिकारक है ?

हमारे एक पाठक है जिन्होंने ईमेल कर के लिखा है की – इनका कहना है, आपने अपने पिछले आर्टिकल में बताया है कि हस्तमैथुन से स्वास्थ्य को कोई हानि नहीं होती है, फिर हस्तमैथुन करने के 2 दिन बाद तक मुझे कमजोरी, थकावट और हृदय की धड़कन तेज चलने का अनुभव होता रहता है.

मेरे प्यारे पाठक, यदि आपको हस्तमैथुन करने के 2 दिन बाद तक कमजोरी थकावट और हृदय की धड़कन तेज चलने का अनुभव होता है, तो इसका एक मात्र कारण यह है कि ऐसा आपकी भावनात्मक प्रतिक्रिया के परिणाम स्वरुप होता है . जी हां कल जो आप सोच रखते हैं, जो आपके अंदर ये हीन भावना बैठ चुकी है, कि मैं जब भी हस्तमैथुन करता हूं तो मुझे कमजोरी हो जाती है. मैं कमजोर फील करता हूं, इसकी वजह से होता है.

यदि आपके मस्तिष्क में आरंभ से अर्थात आपके बचपन से ही यह बात जमा दी गई है की हस्तमैथुन करना पाप और अनैतिक कार्य है तो आप इस विचार से छुटकारा नहीं पा सकते हैं. आपके अंतर्मन में यह बात बिठा दी गई है यह कार्य स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. इसीलिए आपका अवचेतन मन आपके अंदर थकावट, दुर्बलता और धड़कन तेज चलने की भावना पैदा कर देता है. और इसीलिए आप कैसा अनुभव करते हैं. आप को भावनात्मक दृष्टि से पुनः प्रशिक्षण प्राप्त करके इस बात को हृदयंगम कर लेना चाहिए या करना होगा कि हस्तमैथुन पूर्णतया निरापद है. हस्तमैथुन पूर्णतया निरापद है… इससे किसी भी प्रकार की कोई हानि नहीं होती है, तभी आप इन कुंठाओं से छुटकारा पा सकेंगे.

यानि की आपकी मानसिक दृढ़ता है यह साबित करती है की आप चीजों को किस प्रकार से लेते हैं. अन्यथा हस्तमैथुन से कोई लॉस कभी भी नहीं होता है मेरे दोस्त.

तो देखा दोस्तो आपने, ये इनकी ही नहीं, ये कई युवाओं की समस्या होती है. आजकल वे हस्तमैथुन के बाद सोचते हैं की उन्हें कमजोरी महसूस हो रही है पर ऐसा कुछ होता नहीं है. यह प्रकृति और नेचुरल क्रिया है. अगर आप की भी कोई समस्या है तो आप हमें ईमेल या कमेंट कर सकते हैं. हम आपकी समस्या का समाधान बताने की कोशिश करेंगे. हमारा यह आर्टिकल कैसा लगा जरूर बताएं.

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