Shocking : इस वर्ग के लोग करते हैं सबसे अधिक नशा !


नशा, एक ऐसी बीमारी है जो युवा वर्ग में लगातार बढ़ता चला जा रहा है। युवा उम्र तक पहुंचने से पहले ही छोटे-छोटे बच्चे नशे की चपेट में जानलेवा बीमारियों को बुलावा दे रहे हैं। तंबाकू, सिगरेट, शराब एवं ड्रग्स जैसे जहरीले पदार्थों का सेवन कर लोग अपने आप को नशे की चपेट में धकेल रहे हैं। आज का दौर ऐसा है जिसमें रेलवे प्लेटफार्म से लेकर फुटपाथ पर रहने वाले बच्चे भी नशे के आदी बन चुके हैं।

हममें से कई लोग ऐसा सोचते हैं कि ऐसे गरीब बच्चे जिनके पास खाने के लाले हैं वो भला नशा कैसे कर सकते हैं। तो ये आपकी गलतफहमी है क्योंकि नशा करने के लिए मादक ना सिर्फ पदार्थ की आवश्यकता होती है बल्कि नेल पॉलिश, व्हाइटनर, पेट्रोल इत्यादि की गंध, ब्रेड के साथ विक्स और झंडू बाम जैसे पदार्थों का सेवन कर भी युवा वर्ग अपने आप को नशे का आदी बना रहा है, जो कि बहुत ही जानलेवा साबित होता है। नशे का आदी व्यक्ति अपनी आवश्यकता की पूर्ति के लिए किसी भी सीमा को पार कर सकता है। वो नशे के लिए किसी भी जुर्म को अंजाम दे सकता है।

अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवसहैरानी की बात है कि नशे के मामले में महिलाएं भी पुरुषों से पीछे नहीं है। महिलाएं भी जमकर मादक पदार्थों का सेवन भरपूर मात्रा में किया करती हैं। सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन में तनाव, दांपत्य जीवन व तलाक इत्यादि के कारण महिलाओं में नशे की लत बढ़ती जा रही है।

इस बात की कोई आवश्यकता नहीं कि मात्र मादक पदार्थों के सेवन से ही नशा किया जाए। आइए जानते हैं कि नशा के लगभग कितने प्रकार होते हैं।

मादक पदार्थों का सेवन

अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवसमादक पदार्थों में भांग, गांजा, हीरोइन, ड्रग्स, सिगरेट और शराब जैसी चीजें शामिल होती हैं।

अन्यअंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवसशोधकर्ताओं की माने तो ऐसी कोई भी वस्तु जिसके हम आदि हो जाते हैं वो नशे की श्रेणी में ही आते हैं। हमारे जीवन में ऐसी कई आदतें होती हैं जिन्हें हम अपना लेते हैं। जिसे चाह कर भी हमारे लिए छोड़ना नामुमकिन सा हो जाता है। जैसे चाय, कॉफी इत्यादि। आज के समय में नशे की बात करें तो उसमें स्मार्टफोन, फेसबुक, वीडियो गेम्स इत्यादि के अधिक उपयोग भी नशे की श्रेणी में ही आते हैं।

युवा वर्ग पर नशे का प्रभाव

आज के समय में नशे के सबसे अधिक आदि युवा वर्ग के लोग हैं। ऐसे युवा जिसके कंधे पर देश का भविष्य टिका हुआ है, वो युवा अपनी जिंदगी नशे में बर्बाद करने पर तुले हैं। नशा करने वाले युवाओं में अधिक आबादी ऐसे युवाओं की है जो दिखावे की जिंदगी में विश्वास रखते हैं। तो वहीं कुछ युवा वर्ग ऐसे भी हैं जो अपने परिस्थितियों की वजह से नशे के आदी हो जाते हैं। तो कुछ युवा वर्ग अपनी मानसिक तनाव को कम करने की खातिर नशे के आदी होते हैं। लेकिन अधिकतर युवा वर्ग ऐसे ही होते हैं जो जोश में होश गवा देने वालों मे से होते हैं। ऐसे युवा किसी भी अपराध को अंजाम देने से भी नहीं चूकते।

नशे से होने वाले नुकसान

मादक पदार्थों के लगातार सेवन करते रहने से हमारे शरीर को बहुत ही बुरे तरीके से हानि पहुंचाने का काम करता है। ये कई तरह की जानलेवा बीमारियों का जन्मदाता होता है। इससे धीरे-धीरे हमारा शरीर खोखला होता चला जाता है और हमारे दिमाग को भी अपनी चपेट में लेने से नहीं चूकता।अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवसजो व्यक्ति नशे का आदी होता है वो हमेशा तनावग्रस्त और चिड़चिड़ा स्वभाव का बना रहता है।

नशा करने वाला इंसान अपने आप में ही गुम सा रहता है। उसे अपने आसपास के लोगों से अधिक मतलब नहीं रहता है।

नशे का आदी इंसान शारीरिक मानसिक और आर्थिक परेशानियों से हमेशा जूझता रहता है।

नशे का आदी व्यक्ति अपने समाज से तो दूर दूर रहता ही है साथ ही अपने परिवार से भी दूर-दूर रहता है।

सबसे अधिक दुर्घटनाओं को अंजाम देने वाला और दुर्घटनाओं का शिकार होता है नशा करने वाला व्यक्ति।

नशा मुक्ति के उपायअंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवसभारत सरकार ने देश के सभी राज्यों में नशा मुक्ति केंद्र खुलवाए हैं, जो नशे के आदी व्यक्ति को नशे से छुटकारा दिलाने में सहायक होता है।

होम्योपैथ में भी नशा मुक्ति के लिए काफी अच्छा इलाज है।

अपने आप को नशा मुक्त करने के लिए काउंसलर की सलाह लेना काफी लाभदायक साबित होता है।

आयुर्वेद में भी नशा मुक्ति के लिए कई उपाय बताए गए हैं जो की बहुत ही कारगर होते हैं।


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